महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अंतिम वर्ष की परीक्षा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 के मानकों का खास ख्याल रखा जाएगा। बीएड प्रवेश परीक्षा की तर्ज पर ही एक कमरे में 24 छात्रों को बैठाया जाएगा।
कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि परीक्षा छूट जाने और बहिष्कार करने की दशा में दोबारा परीक्षा नहीं होगी। लिखित परीक्षा की समाप्ति के एक हफ्ते के भीतर मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा होगी। इसके लिए परीक्षार्थी को अपने संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष और कालेज के प्राचार्य से संपर्क करनी होगी। सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वह कोविड-19 के मानकों का ध्यान रखें।