सबसे ज्यादा राजस्व देता है ताजमहल
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल आज भी भारत का सबसे अधिक राजस्व देने वाला स्मारक है, लेकिन पर्यटकों की संख्या के मामले में यह वाराणसी से काफी पीछे छूट गया है। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या वाराणसी के 23.25 लाख विदेशी पर्यटकों के मुकाबले काफी कम है।
2025 के अंत में क्रिसमस और नए साल के दौरान ताजमहल में भारी भीड़ उमड़ी और 25 दिसंबर को 40,000 से अधिक पर्यटक पहुंचे, लेकिन वार्षिक तुलना में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 5.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
दिल्ली के स्मारकों का बदल रहा समीकरण
राजधानी दिल्ली के पर्यटन मानचित्र पर कुतुब मीनार ने विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में लाल किले को पीछे छोड़ दिया है। 2025 में कुतुब मीनार को देखने लगभग 2.20 लाख विदेशी पर्यटक आए, जिससे यह दिल्ली में विदेशियों के लिए ‘सबसे बड़ा आकर्षण’ बन गया। वहीं, लाल किले में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आई और यह मात्र 79,000 पर सिमट गई।
बीते कुछ वर्षों में काशी का जिस तरह से कायाकल्प हुआ है, उससे देश के साथ ही विदेशों से भी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पर्यटन अब ‘हेरिटेज टूरिज्म’ से आगे बढ़कर आध्यात्मिक पर्यटन की दिशा में बढ़ रहा है। - दिनेश सिंह, संयुक्त निदेशक, पर्यटन विभाग