राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर शहर में विविध आयोजन हुए। काशी नागरिक समाज की ओर से हनुमान घाट में संगोष्ठी की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी नशाबंदी के प्रबल समर्थक थे। काशी को नशामुक्त बनाना ही बापू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
संगोष्ठी में सर्वसम्मति से इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर पीएम मोदी के साथ ही राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा गया। संगोष्ठी में अपूर्व नारायण तिवारी, सुधीर रस्तोगी, दिनेश सिंह त्यागी, श्रीराम यादव, अभय अग्रवाल आदि मौजूद थे। उधर, शास्त्री जी की 112वीं जयंती की पूर्व संध्या पर भारतीय जनजागरण समिति की ओर से एक रथयात्रा निकाली गई। सुबह दस बजे रामनगर स्थित शास्त्री चौक से निकली रथयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कैंट की विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव ने इसे रवाना किया।
भारतीय जनजागरण समिति के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग एवं लोक एवं जनजाति कला संस्कृति संस्थान की ओर से रविवार को यहां जश्न-ए-आजादी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पुराना रामनगर स्थित शास्त्री जी के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों और जवानों का सम्मान किया जाएगा। दो अक्तूबर को पूर्वाह्न 11 बजे राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है।
इसी तरह राष्ट्रपिता और पूर्व प्रधानमंत्री लाला बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई की ओर से गुरुधाम मंदिर परिसर में तीन दिवसीय छायाचित्र, अभिलेख और चित्रकला प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों का स्वागत क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा ने और संयोजन क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने किया।
उधर सिगरा में आईपी मॉल के सामने शास्त्री उद्यान में दिब्यांग बच्चों के साथ दीपोत्सव कार्यक्रम मनाया गया। बिमला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में फाउंडेशन के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने लाल बहादुर शास्त्री के जीवन संघर्षों का बताया। फाउंडेशन की ओर से दिव्यांग बच्चों में कपड़े भी बांटे गए। कार्यक्रम में शैलेंद्र मुन्ना, मनोज सोनकर, दिनेश श्रीवास्तव, राकेश रंजन, अजय सेठ, गुलाब चंद्र श्रीवास्तव, आनंद, मकरंद, राधेश्याम गुप्ता आदि मौजूद थे।