दोपहर में बाबा काल भैरव की शयन आरती के बाद रजत मुखौटा लगाकर भव्य स्वरूप सजाया गया। इस दौरान मिष्ठान, फल, पकवान, मदिरा, मोझी, बड़ा, नमकीन का भोग लगाया गया। भजन संध्या में झूम उठे भक्त शाम छह बजे मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। भक्त भक्ति गीतों पर झूम उठे। मध्य रात्रि में बाबा काल भैरव की सवा लाख बात्तियों से महाआरती की जाएगी।