भक्तों ने हाथों में नारियल लेकर मंदिर की परिक्रमा की और माता को नारियल चढ़ाया। साथ ही माता रानी से विश्व कल्याण, मानव समाज की रक्षा व माता का भव्य मंदिर बनने की प्रार्थना की है। इस दौरान विजय शंकर पांडेय, अश्विन पांडेय, राजू पाठक के साथ भक्त, बटुक और महिलाएं शामिल हुईं। दर्शन के लिए पहुंचे गुलशन कपूर ने बताया कि धूप के बावजूद श्रद्धालु कतार में नंगे पांव लगे रहे। श्रद्धालुओं के लिए ना तो मैट और ना ही छज्जे का इंतजाम किया गया था। इसकी शिकायत मंदिर प्रशासन से की गई है।
ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी से संबंधित वाद दाखिल करने वाली सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास व लक्ष्मी देवी शनिवार को अपने पैरोकारों डॉ. सोहन लाल आर्य और अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के साथ सामूहिक दर्शन-पूजन किया। साथ ही ज्ञानवापी परिसर की मुक्ति व भव्य मंदिर निर्माण की कामना की है।
मां श्रृंगार गौरी केस की वादी महिलाओं ने भी की पूजा
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चैत्र नवरात्र की चतुर्थी तिथि को वर्ष में एक बार मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाती है। इसी क्रम में मां शृंगार गौरी की चार वादिनी मां श्रृंगार गौरी के मूल स्वरूप का दर्शन-पूजन करने आईं। इस दौरान अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने का कि मां के दर्शन-जून की अनुमति रोज मिलनी चाहिए। बीते 16 मई को ज्ञानवापी परिसर में हमें आदि विश्वेश्वर का जो शिवलिंग मिला था, उसका दर्शन-पूजन जल्द से जल्द शुरू हो। हमें पूजापाठ के हमारे अधिकार से रोका न जाए।
नवरात्र के पांचवें दिन विशालाक्षी गौरी का दर्शन-पूजन होगा। कलह-क्लेश और रोग-शोक को तारने वाली मां विशालाक्षी का मंदिर मीरघाट पर स्थित है। मान्यता के अनुसार विशालाक्षी देवी के दर्शन-पूजन से भौतिक सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है एवं समस्त दुखों का निवारण होता है।