काशी के प्रकाशक प्रमोद कपूर को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया है। बीते दिनों दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास में फ्रांस के राजदूत फ्रैंको रिचर ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नाइट आफ द लीजन ऑफ ऑनर’ प्रमोद को दिया। प्रमोद को भारतीय लेखकों की 80 से अधिक कृतियों को फ्रेंच में प्रकाशित कराने का श्रेय जाता है। नेपोलियन बोनापार्ट ने1802 में फ्रांस में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी।
सिगरा निवासी प्रमोद कपूर दिल्ली में रोली बुक्स प्रकाशन का संचालन करते हैं। 1975 में ही वह व्यवसाय के सिलसिले में काशी से दिल्ली गए और फिर वहां उन्होंने प्रकाशन का काम शुरू किया। प्रमोद 1981 में पहली बार फ्रेंच पब्लिशर फेल्मारियोन के संपर्क में आए और उनके साथ जुट कर भारतीय कला-संस्कृति और साहित्य के प्रसार के लिए काम किया।
प्रमोद का कहना है कि उन्होंने साहित्यकार पुष्पेश पंत, फोटोग्राफर रघु राय समेत 80 से अधिक साहित्यकारों, फोटोग्राफरों की कृतियों को फ्रेंच में प्रकाशित कराया। इनमें ‘मेड फॉर महाराजाज’, ‘न्यू देलही’, ‘द मेकिंग ऑफ कैपिटल’ और हाल में ही प्रकाशित ‘गांधी इन इलस्ट्रेटेड बॉयोग्राफी’ शामिल है। भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए दोनों देशों के रिश्ते प्रगाढ़ करने में उन्होंने योगदान दिया है।
इससे प्रभावित होकर फ्रांस सरकार की ओर से उन्हें वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नाइट आफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से नवाजा गया। खत्री हितकारिणी सभा ने प्रमोद को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने पर वहां के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद को बधाई दी है। प्रमोद ने इसे बाबा विश्वनाथ की कृपा बताया। कहा कि यह दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्ते को प्रगाढ़ करने के लिए मेहनत और लगन से काम करने का प्रतिफल है।