कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और देशभर में 14 अप्रैल तक लॉक डाउन की वजह से बीएचयू को 14 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गृह मंत्रालय व राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मद्देनजर विश्वविद्यालय 14 अप्रैल तक बंद रहेगा। इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
आवश्यक सेवाओं जैसे सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, विद्युत व जल आपूर्ति, स्वच्छता, सुरक्षा, डेयरी या फिर कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के उपायों में जुटे कर्मचारियों पर ये निर्देश लागू नहीं होंगे। ऐसे कर्मियों व आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों की सुरक्षा के लिए सभी दिशनिर्देशों का पालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के जो कर्मचारी कैंपस के अंदर रहते हैं, वे किसी भी आपात स्थिति में बीएचयू कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकते हैं।
उधर, आईआईटी बीएचयू में भी 14 अप्रैल तक कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। कुलसचिव डॉ. एसपी माथुर ने बताया कि शिक्षकों, कर्मचारियों को ’वर्क फ्राम होम’ आदेश लागू है। सभी पीएचडी और एमटेक छात्रों की फेलोशिप, स्टाइपेंड पर इस बंदी का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्हें सलाह दी जाती है वे अपने सुपरवाइजर के साथ बराबर संपर्क में रहें। छात्रों को यह सलाह दी जाती है वे अपने घर पर रहें और जब तक उन्हें कोई सूचना नहीं दी जाती तब तक वे संस्थान में न आएं।
उन्होंने आगे बताया कि संस्थान में कार्यरत सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों, संविदा, आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को 14 अप्रैल तक घर से कार्य करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान उनके अवकाश या भुगतान से संबंधित कोई कटौती नहीं होगी। हालांकि संस्थान निर्माण विभाग और ज्वाइंट चीफ प्राक्टर आफिस आदि कार्यालयों में आवश्यक सेवाओं व अपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। सभी संबंधित कर्मचारियों से सीमित संसाधन में कार्य करने और सहयोग करने की अपील की गई है।