बहुप्रतीक्षित मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के लिए शुक्रवार का दिन काशीवासियों के लिए निर्णायक होगा। मेट्रो मैन श्रीधरन यहां प्रस्तावित मेट्रो रेल रूट का स्थलीय निरीक्षण कर उसके तकनीकी पक्षों को देखेंगे-समझेंगे। श्रीधरन गुरुवार को यहां आ गए हैं। उनके साथ डीपीआर बनाने वाली संस्था राइट्स के सीजीएम पीयूष कंसल, प्रदेश सरकार के मुख्य नगर नियोजक रवि जैन और लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी केशव कुमार भी आए हैं।
माना जा रहा है कि इस बार डीपीआर के आधार पर तकनीकी पक्षों के अध्ययन के बाद परियोजना पर अंतिम मुहर लग जाएगी। परियोजना पर 17000 करोड़ से अधिक राशि खर्च होनी है। बेनियाबाग में टर्मिनल और हरहुआ के गणेशपुर में 14 हेक्टेयर में मेट्रो का वर्कशाप बनेगा।
हालांकि शहर की घनी आबादी और अत्यधिक ट्रैफिक को देखते हुए परियोजना को मूर्त रूप देना चुनौती से कम नहीं है। नदेसर स्थित एक होटल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में श्रीधरन ने भी माना कि शहर में मेट्रो चलाना बड़ी चुनौती है। कहा, धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में मेट्रो चलाने के लिए जो हो सकेगा, किया जाएगा। कहा कि शुक्रवार को प्रस्तावित रूटाें के तकनीकी पक्षों को देखने-समझने के बाद ही तय होगा कि कब और कहां से काम शुरू कराया जाए।
उधर, वीडीए के अधिकारी आश्वस्त हैं कि इस बार मेट्रो निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। जो कुछ तकनीकी कमियां हैं, उनका समाधान ढूंढ लिया जाएगा। इस बीच, मेट्रोमैन श्रीधरन ने शाम को काशी विश्वनाथ मंदिर और संकट मोचन मंदिर में दर्शन-पूजन किया और गंगा आरती देखी। इस बीच कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने भी श्रीधरन से मुलाकात की।