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ज्योतिषाचार्यों की भविष्यवाणी, सपा-बसपा को मिलेंगी 50-60 सीटें, जानें भाजपा के बारे में क्या बोले

Wed, 22 May 2019 03:20 PM IST
गीतार्जुन गौतम आलोक कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
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पीएम मोदी, मायावती और राहुत गांधी (फाइल फोटो)
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लोकसभा चुनाव 2019 के संभावित परिणामों पर ज्यादातर एग्जिट पोल के विपरीत काशी के ज्योतिषाचार्य खंडित जनादेश की बात कह रहे हैं। इनकी मान्यता है कि गुरु के घर में केतु और शनि के त्रिकोण के कारण भाजपा सबसे बड़ा दल तो होगा लेकिन बहुमत की राह आसान नहीं है। सूर्य और बुध की युति कई दलों को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के लिए पालाबदल का भी संकेत दे रही है। वहीं यह चुनाव महिला शक्ति के प्राकट्य की नई इबारत भी लिखने जा रहा है। 

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ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार आकाश मंडल में धनु राशि पर बृहस्पति, शनि और केतु का त्रिकोण बन रहा है। शनि के साथ केतु की युति जनतंत्र को अस्थिर बना रहा है। इसी ग्रह गोचर में चुनाव की घोषणा के बाद आ रहे चुनाव परिणामों और सरकार के गठन का प्रभाव भविष्य में दिखेगा। जो भी सरकार बनेगी वह पांच साल पूर्ण नहीं कर पाएगी।

द्विवेदी का अनुमान है कि चुनाव में एनडीए 220 से 240 (भाजपा को अकेले 140-160), यूपीए को 110-140 (यूपी में 10 सीट के अंदर), सपा-बसपा गठबंधन को 50-60 और अन्य राजनीतिक दलों को 60-100 के बीच सीटें मिलेंगी।

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भाजपा-बसपा-कांग्रेस - फोटो : social Media
ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय को शनि तथा गुरु के भारत की कुंडली में अष्टम स्थान तथा धनु राशि में विराजमान रहने से उथल-पुथल की आशंका है। कहते हैं, पीएम नरेंद्र मोदी की कुंडली में राहु-केतु अष्टम तथा द्वितीय भाव में गोचर कर रहे हैं। दशा-अंतर्दशा चंद्र-केतु की होने के कारण उन्हें समझौते भी करने पड़ सकते हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मेघालय, मिजोरम, आंध्र प्रदेश और केरल में प्रादेशिक पार्टियों का प्रभाव रहेगा। उत्तर-पूर्व में भाजपा की बड़ी जीत तय है।

बीएचयू के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्रा भी मानते हैं कि तीन ग्रहों की युतियां खंडित जनादेश का संकेत दे रही हैं। शुक्ल योग में परिणाम आने से सार्वजनिक हित के कार्य पवित्र उद्देश्य से होंगे। नई लोकसभा में पुरानी लोकसभा के अधिकतर चेहरे गायब हो जाएंगे। 

भाजपा के लिए 2014 जैसा योग नहीं, ममता का जादू चलेगा :
आचार्य द्विवेदी के अनुसार पीएम मोदी की कुंडली में चंद्रमा की महादशा चल रही है। बुध के अंतर में केतु का प्रत्यंतर सितंबर, 2019 तक है। भाजपा की कुंडली में चंद्रमा मारकेश का होने के कारण अक्तूबर, 2018 से उसका प्रभाव घट रहा है। पार्टी की कुं डली में 2014 जैसे शुभ योग भी नहीं हैं। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए शनि की महादशा में शुक्र का अंतर उनका जादू बरकरार रहने का संकेत है।
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कांग्रेस का जनाधार बढ़ेगा, पूर्ण शुभता नहीं :
कांग्रेस की कुंडली में गुरु की महादशा 2025 तक रहेगी। मीन लग्न के लिए गुरु लग्नेश होता है। इसकी दशा शुभ मानी जाती है। कुंडली में जनाधार बढ़ने के प्रबल योग बन रहे हैं। राहुल गांधी की कुंडली तो मकर लग्न में वृश्चिक राशि की है। चंद्रमा की महादशा के साथ शनि का अंतर चल रहा है। योग तो शुभ बन रहे हैं लेकिन पूर्ण शुभता में कमी है।
 
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मायावती-अखिलेश लिखेंगे नया अध्याय :
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की कुंडली में बुध की महादशा के साथ ही व्ययेश की दशा में आयेश एवं शुक्रेश की दशा उनके लिए शुभदायी होगी। बसपा की कुंडली में राहु में चंद्रमा का अंतर चमत्कारिक योग बना रहा है। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कुंडली में केतु की महादशा फलदायी होगी। सपा की कुंडली में मंगल की महादशा सपा को नया आयाम देगी।
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