काशी की कलाकृतियां देश-विदेश में अपनी आभा बिखेर रही हैं। सितंबर में हैदाराबाद में लगने वाले छाप मेला में यहां के कलाकार लकड़ी, गुलाबी मीनाकारी और बनारसी साड़ी के स्टाल लगेंगे। लकड़ी के आकर्षक देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, श्रीराम और शिव दरबार होगा। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित कलाकृतियां मेले में दिखेगी। यहां देशभर के कलाकार अपने उत्पाद लेकर पहुंचेंगे।
निफ्ट की ओर से इस साल छाप मेला हैदराबाद में करीब 10 दिनों तक चलेगा। इसमें निफ्ट के देशभर के 19 शाखाओं के कलाकारों के उत्पादों को शामिल किया जाएगा। निफ्ट के बनारस शाखा से तीन कलाकारों का चयन किया जाएगा। निफ्ट के क्राफ्ट इंनिएटेड को-ऑडिनेटर एवं एसोसिएट प्रोफेसर उज्ज्वल बनर्जी ने बताया कि गुलाबी मीनाकारी में रोहन विश्वकर्मा और लकड़ी कला में ओमप्रकाश विश्कर्मा को चुना गया है।
अभी हैंडलूम में बनारसी साड़ी के कारीगर की तलाश की जा रही है। इसी माह इसे भी तय कर लिया। जाएगा। निफ्ट के और शाखओं के जरिए भी यहां के उत्पादों के कारीगरों का चयन हो सकता है। अगले माह तक तय होगा।
कलाकारों को मिलेगा मुकाम
निफ्ट की ओर से बनारस की कलाकृतियों को बढ़ाने और कारीगरों को मंच दिलाए जाएंगे। उज्ज्वल ने बताया कि इन कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए निशुल्क स्टाल दिए जाएंगे। उनके बाकी खर्च भी निफ्ट ही उठाएगी। ताकि इस क्षेत्र में और लोग जुड़ें और इस कला का और विकास होगा। एक-दूसरे प्रदेशों के कलाकार उनकी कलाकृतियों के बारे में जानेंगे।
गंगा आरती व दिखेगा विश्वनाथ मंदिर भी
मेले में लकड़ी के एक से बढ़कर एक कलाकृतियां देखने को मिलेगी। प्रख्यात लकड़ी के कारीगर ओपी विश्वकर्मा ने बताया कि मेले में पांच सौ से अधिक उत्पाद ले जाएंगे। इसमें बच्चों के खिलौने के अलावा, भगवान श्रीकृष्ण के नागनथैया, श्रीकृष्ण दरबार, माखन चोरी, रामदरबार के अलावा लक्ष्मण शक्ति, पंचमुखी हनुमान, भगवान नृसिंह, दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती, काशी दर्शन में बीएचयू गेट, सारनाथ व विश्वनाथ मंदिर दिखेगा।जबकि गुलाबी मीनाकारी में चांदी के आभूषण पर कारीगरी, राजा, हाथी, घोड़ा, नाचते हुए मोर, गणेश जी, शिव जी ओर लक्ष्मी माता आदि बने मिलेंगे।