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काशी और फ्रांस का रिश्ता है पुराना, फ्रांसीसी राष्ट्रपति के आगमन से नई उम्मीद

Tue, 06 Mar 2018 02:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति और पीएम मोदी - फोटो : twitter
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दुनिया के प्राचीन शहरों में से एक काशी और फ्रांस का पुराना रिश्ता रहा है। दोनों ही शहरों में शिल्प खासा समृद्ध है। नदियों पर बसे दोनों शहर अपने खूबसूरत शिल्प के लिए जाने जाते हैं। काशी में फ्रांस का शिल्प पल-बढ़ रहा है।
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सिल्क रूट में भारत के काशी के साथ ही फ्रांस का लियोन शहर भी शामिल है। दोनों शहर बुनकरी के लिए प्रसिद्ध हैं और दोनों ही क्षेत्रों में रेशम की बुनाई जकार्ड पर होती है। जकार्ड पर रेशम के वस्त्र तैयार किए जाते हैं।

माना जाता है कि जकार्ड फ्रांस से भारत और फिर काशी पहुंचा। हालांकि फ्रांस के लियोन में जकार्ड का चलन बेहद कम हो गया है लेकिन काशी में अभी इसका खूब इस्तेमाल किया जाता है। काशी की बुनकरी में फ्रांस के भी कुछ अंश दिखते हैं।
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के काशी आगमन से यहां के शिल्प की पहचान मजबूत होने की उम्मीद है। यही कारण है कि काशी आ रहे फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों काशी के शिल्प को देखने के लिए दीनदयाल हस्तकला संकुल जाएंगे।

यही नहीं, पर्यटकों को काशी के घाट और गलियों का जीवन भी खूब लुभाता है। काशी आने पर फ्रांसीसी नागरिक घाटों पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता का दावा है कि राष्ट्रपति के दौरे के बाद अगले सीजन में फ्रांसीसी पर्यटकों की संख्या पर इसका असर दिखेगा।
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हस्तकला संकुल में फ्रांस के राष्ट्रपति देखेंगे बनारस की कारीगरी

पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल - फोटो : अमर उजाला
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन 12 मार्च को काशी के प्रस्तावित दौरे में बनारस के बड़ाललापुर स्थित पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में बनारस की कारीगरी और शिल्प देखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति के प्रस्तावित इस दौरे के मद्देनजर तैयारियां तेज हो गई हैं।

राष्ट्रपति के दौरे वाले संभावित स्थानों तक जाने वाली सड़कों को दुरुस्त करने के साथ ही साफ-सफाई सहित अन्य इंतजामों को मुकम्मल किया जा रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों  की चमक के साथ हैंडलूम का ताना-बाना, भदोही की कालीन और कारीगरों को शिल्प उत्पादों बनाते देखेंगे।

यहां से डीरेका होते हुए उस अस्सी घाट जाने का कार्यक्रम है, जहां पीएम मोदी ने फावड़ा चलाकर स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया था। पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल को ट्रेड फैसिलिटी सेंटर भी कहा जाता है। इसका उद्घाटन बीते वर्ष पीएम मोदी ने किया था। 
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