ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में रक्तदान से ही
ब्लड बैंकों की ओर से ऐसे जरूरतमंद मरीजों को बिना डोनेशन के ही खून दिया जाता है। इस तरह के मरीजों के इलाज में खून का संकट न आए, इस वजह से ही अमर उजाला फाऊंडेशन की ओर से शिविर लगाया जा रहा है। सुबह 9 बजे से 3 बजे तक चलने वाले शिविर पहुंच कर आप भी रक्तदान कर सकते हैं।
यह भी जानना जरूरी
- 18 से 65 साल का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
- रक्तदान करने से एक दिन पूर्व नींद का होना बहुत जरूरी है।
- रक्तदान से सेहत पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।
- एक यूनिट रक्तदान से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है।
सुनें इनकी
रक्तदान करने वालों के सेहत पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। यह सबसे बड़ा दान है। शिविर में पहुंचकर लोगों की जरूरी जांच कराने के बाद जरूर रक्तदान करना चाहिए। ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ भी शिविर में अपनी भागीदारी देंगे।
- प्रो. सौरभ सिंह, प्रभारी ट्रॉमा सेंटर बीएचयू