सावन में देवाधिदेव बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवरियों की राह बड़ी कठिन है। सावन से पहले सड़कों को चमकाने के दावे की हवा निकल गई है। शहर के हर इलाके की सड़कें उखड़ी हुई हैं। सीवेज, पाइप लाइन और केबल बिछाने के लिए सड़कें तो खोद दी गईं लेकिन मरम्मत के नाम पर महज खानापूरी की गई। अब बारिश के बाद जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, रोड़े बिखरे हुए हैं। ऐसे में बाबा का दर्शन भक्तों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी।
सावन आते ही इलाहाबाद, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर मार्ग से कांवरियों का जत्था आने लगा है। मंडुवाडीह, महमूरगंज, पांडेयपुर, कज्जाकपुरा, आदमपुर, सारनाथ, शिवपुर, गोदौलिया, नई सड़क, गिरजाघर, बांसफाटक आदि इलाकों की सड़कें उखड़ी हुई हैं। बारिश के चलते जलभराव से स्थिति और खराब है। कांवरियों को गंगा स्नान और बाबा के दर्शन के लिए पथरीले रास्ते से गुजरना मजबूरी है।