भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मुंडन करा जताया ऐतराज
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कैफियात एक्सप्रेस को आजमगढ़ की जगह मऊ से संचालन की कथित सूचना के बाद आजमगढ़ में विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को लगातार पांचवे दिन कई विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया।
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के आसपास के लोगों ने विरोध में अपनी दूकानें बंद रखीं, जिससे यात्रियों को दिक्कत हुई। ऑटो रिक्शा वालों ने संचालन बंद रखा। वहीं, भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र में घूमकर दूकानों को बंद कराया और मुंडन कराकर विरोध जताया।
आजमगढ़ से दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने की सूचना से हर कोई आहत है। सभी इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। सामाजिक संगठन भारत रक्षा दल की लगातार पांचवें दिन आंदोलन जारी रहा।
विरोध में शुक्रवार को भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपने प्रतिष्ठान को बंद रखने की अपील की। भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं और ऑटो चालकों ने तय किया कि यदि कैफियत एक्सप्रेस यहां से हटाई गई तो शांत नहीं बैठेंगे।
स्टेशन क्षेत्र में दूकानों की बंदी से यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को काफी परेशानी हुई।
वहीं, कैफियात को लेकर प्रयास का भी आंदोलन जारी रहा। शुक्रवार को संस्था के उलेमा एकराम ने अंबेडकर पार्क में दुआएं मांगी। उन्होंने दुआ मांगी कि रेलवे प्रशासन जनपदवासियों की भावना को समझे।
सपा ने फूंका रेल राज्यमंत्री का पुतला
रेल राज्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली और पुतला फूंका
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कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाने की सूचना के बीच सपा भी इसके विरोध में उतर आई है। शुक्रवार को मड़ना तिराहे से सपा कार्यकर्ताओं ने रेल राज्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली और पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जनपद से चलकर दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से चलाए जाने के विरोध में सामाजिक संगठन कई दिन से आंदोलित हैं। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी इस आग में कूद पड़े।
अहरौला के मड़ना मोड़ से सपा कार्यकर्ताओं ने लेदौरा महाप्रधान हरिकेश यादव के नेतृत्व में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के पुतले की शवयात्रा निकाली। इसके बाद पुतला फूंककर नारेबाजी की।
न अफसरों ने पुष्टि की, न भाजपा कर सकी खुलासा
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के आसपास की बंद दूकानें
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कैफियात एक्सप्रेस को मऊ से संचालित करने की अपुष्ट सूचना के बाद पिछले दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन पर विराम नहीं लगा है। रेलवे के बड़े अफसरों ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है और न ही भाजपा के पदाधिकारी ही इस सूचना को लेकर सचाई सामने ला पा रहे हैं। फिलहाल धरना, प्रदर्शन और बंदी के कार्यक्रम से जनता को परेशानी हो रही है।
तीन दिन पहले भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश राय ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को पत्र भेजकर सच्चाई से अवगत कराने का आग्रह किया था लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
शुक्रवार को जिलाध्यक्ष पत्रकार वार्ता में स्थिति साफ तो नहीं कर सके बल्कि जनता का विश्वास जीतने के लिए इतना जरूर कहा कि वह पार्टी अनुशासन और मर्यादा में रहकर संघर्ष में जनता के साथ हैं।
पिछले दिनों एडीआरएम विजय श्रीवास्तव ने बताया था कि कैफियात को मऊ से चलाने की जानकारी उनको नहीं है जबकि पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य परिचालन प्रबंधक रवि बलूड़ी ने बताया था कि रेलवे बोर्ड से कैफियात की समय सारणी मांगी गई थी जो भेज दी गई है।
इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहजानंद राय ने 28 जून को जाकर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया था कि रेल राज्यमंत्री ने आजमगढ़ के साथ अन्याय नहीं होने देने की बात कही थी।