हिना देसाई ने कहा कि कैफी आजमी ने अपने गीतों, नाटकों के माध्यम से आखिरी पंक्ति में खड़े लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। सोसाइटी के प्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी ने कैफी आजमी की जयंती पर 500 जरूरतमंदों को कंबल और 250 बच्चों को पतंग बांटा।
गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने कैफी आजमी की नज्म ‘उठ मेरी जान, मेरे साथ ही चलना है तुझे...’ पेश किया। शाह आलम सवारियां ने ‘कर चले हम जान ओ तन साथियों...’ प्रस्तुत किया। फतेह मंजिल में कैफी साहब की कई खास चीजों की प्रदर्शनी लगाई गई। संचालन जितेंद्र पांडेय ने किया। आशुतोष त्रिपाठी और कैफी आजमी गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल शेख समीना आजमी ने संयुक्त रूप से आभार प्रकट किया।