पहले बड़ामंगल पर मंगलवार को काशी के प्रमुख हनुमान मंदिरों में सुबह से भक्तों की कतार लगी है। संकटमोचन मंदिर, महावीर मंदिर समेत शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
हिंदू नववर्ष में इस बार ज्येष्ठ मास में अधिमास लगने के कारण इसका विशेष महत्व बढ़ गया है। दो माह तक चलने वाले ज्येष्ठ मास में इस बार कुल आठ बड़ामंगल पड़ रहे हैं। पहला बड़ामंगल 5 मई को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शहर के हनुमान मंदिरों में शृंगार, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों की विशेष अनुष्ठान किए जा रहा हैं।
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संकटमोचन मंदिर, महावीर मंदिर समेत शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा। मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा पाठ और रामनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया है।
हनुमान सेना के नेतृत्व में शहर के 200 से अधिक हनुमान मंदिरों में शृंगार और भंडारे का आयोजन किया गया है। मंदिरों के बाहर तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों पर प्रसाद, फल और ठंडे पेयजल का वितरण किया जा रहा है।
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धार्मिक मान्यता है कि कलियुग में हनुमान जी जागृत देवता माने जाते हैं और मंगलवार को उनकी पूजा विशेष फलदायी होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी, इसलिए इस दिन को “बड़ा मंगल” कहा जाता है। संस्था के अध्यक्ष सुधीर सिंह और महामंत्री मार्कंडेय तिवारी ने बताया कि अधिकमास के चलते ज्येष्ठ के सभी आठों मंगलवार को शहरभर में भव्य आयोजन होंगे। हर मंगलवार को भंडारों की संख्या बढ़ती जाएगी, जो आगे चलकर एक हजार तक पहुंच सकती है।
12 मई को दूसरा, 23 जून को अंतिम बड़ामंगल
अधिकमास के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ में कुल आठ बड़ामंगल पड़ रहे हैं। पहला 5 मई के बाद दूसरा 12 मई को, तीसरा 19 मई, चौथा 26 मई, पांचवां 2 जून, छठा 9 जून, सातवां 16 जून और अंतिम बड़ामंगल 23 जून को मनाया जाएगा।