Jivitputrika Vrat 2022
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बच्चों के जीवन में आती है सुख-समद्धि
सुंदरपुर निवासी कुसुम मिश्रा ने बताया कि जीवित्पुत्रिका व्रत में भगवान जीमूतवाहन की प्रतिमा जल में स्थापित करके पूजा शुरू की जाती है। इस दौरान धूप, दीप, अक्षत, फूल, माला अर्पित कर पूजा की जाती है। प्रतिमा पर सिंदूर का टीका लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे मनचाहा वरदान मिलता है। बच्चों के जीवन में सुख-समद्धि आती है।
ये है व्रत की पूजा की सामग्री
इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन, गाय के गोबर से बने चील-सियारिन की पूजा का विधान है। जीवित्पुत्रिका व्रत में अक्षत, पेड़ा, दूर्वा की माला, पान, लौंग, इलायची, पूजा की सुपारी, शृंगार सामान, सिंदूर, पुष्प, गांठ का धागा, कुश से बनी जीमूतवाहन की मूर्ति, धूप, दीप, मिठाई, फल, बांस के पत्ते, सरसों का तेल, खली, गाय का गोबर पूजा में जरूरी है।
Jivitputrika Vrat 2022
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सामान्य रहे फलों के दाम
जिउतिया व्रत को लेकर जहां पूजन सामग्रियों की खरीदारी हुई। वहीं फलों के दामों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। पहड़िया में फल व्यवसायी किशन सोनकर ने बताया कि हर साल की अपेक्षा इस साल फलों की आवक अच्छी होने की वजह से फलों के दाम सस्ते रहे। मंडी में शनिवार को नाशपाती 100 से 120 रुपये है। सेब के दाम 70 से 80 बिका, वहीं केला 50 रुपये दर्जन रहा। इसके अलावा अनानाश 40 से 45, नारियल 40 से 50, अनार 80 रुपये किलो बिका।