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जितिया: पुत्रों की दीर्घायु को राजा जीमूतवाहन, चील, सियार की कथा सुनी; माताओं ने रखा 36 घंटे का निर्जला व्रत

Sat, 03 Oct 2026 06:01 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

माताओं ने संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर जिउतिया व्रत रखा। निर्जला उपवास के दौरान घरों में मंगलगीत गूंजे। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। माताओं ने भगवान जिउतिया से पुत्रों की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
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जीवित्पुत्रिका पर पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुत्रों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए मनाया जाने वाला जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) पर्व शनिवार को जिलेभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। माताओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर संतान की सलामती की कामना की। सुबह गलियों में मछली का दर्शन कराने वालों की पुकार सुनाई दी। व्रती महिलाओं ने मछली का दर्शन कर दान-दक्षिणा दी और इसके बाद स्नान-पूजन कर व्रत रखा।

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शाम होते ही हाथों में पूजन की थाली और चेहरे पर आस्था का भाव लिए महिलाओं का रुख मंदिरों और घाटों की ओर हो गया। गौरीशंकर घाट, सिधारी घाट, अनंतपुरा स्थित गायत्री माता मंदिर समेत नदी, तालाब और अन्य पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी। पूजा के दौरान पुत्रों की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कई स्थानों पर गाजे-बाजे और मंगलगीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। 

रानी की सराय  क्षेत्र में भी जीवित्पुत्रिका पर्व श्रद्धा और विधि-विधान से मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों और घाटों पर पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ रही। 

अंबारी नगर पंचायत माहुल स्थित सिद्धपीठ काली चौरा मंदिर में पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। दोपहर बाद से ही व्रती महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और शाम तक मंदिर परिसर आस्था से सराबोर हो गया। महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर व्रत कथा सुनी और पुत्रों की दीर्घायु व परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। अंबारी, दीदारगंज समेत आसपास के क्षेत्रों में भी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। 
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मेजवा में फूलपुर स्थित कई मोहल्लों में बेटों की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत रखा। पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को नए वस्त्र धारण कर मंदिर और अपने घरों में पुरोहित से कथा श्रवण किया। कथा श्रवण करने के बाद अपने से बड़ों का पैर छूकर बच्चे की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद लिया। 

पवई में जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) पर पवई स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते ही मंदिर परिसर में महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया। व्रती महिलाओं ने शीतला माता को पुष्प, धूप-दीप और पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा की। इसके बाद जिउतिया व्रत की कथा सुनी और पुत्रों की लंबी उम्र व परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
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