झारखंड के चतरा जिले से आए 13 प्रगतिशील किसानों का एक दल बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र आईसार्क पहुंचा। यहां उन्होंने आधुनिक और टिकाऊ खेती से जुड़ी तकनीकों को करीब से समझा। यह शैक्षणिक भ्रमण कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), वाराणसी के सहयोग से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों, संसाधन बचाने वाली पद्धतियों और जलवायु अनुकूल खेती के प्रति जागरूक करना रहा। आइसार्क के वैज्ञानिकों ने किसानों को संस्थान में चल रहे शोध कार्यों, नई कृषि तकनीकों और प्रयोगात्मक प्लॉटों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह इन नवाचारों से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद भी हुआ। झारखंड से आए किसानों ने इस दौरे को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि यहां सीखी गई तकनीकों को वे अपने गांवों और खेतों में अपनाने की कोशिश करेंगे, ताकि खेती की लागत घटे और उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके।