सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की ओर से काव्यार्चन की 52वीं कड़ी में अस्सी घाट पर कवि सम्मेलन हुआ। वाराणसी के अलावा हरियाणा के रचनाकारों ने गीतों, गजलों और कविताओं से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। काशी की वरिष्ठ रचनाकार बीना त्रिपाठी की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन की शुरुआत जया टंडन ने अपने काव्यपाठ से की। उन्होंने रोटी की महिमा पर काव्य पाठ किया। हरियाणा के रचनाकार नेम सिंह ने महिला और पुरुष दोनों पर केंद्रित अपनी रचना में उनकी विशेषताओं का वर्णन किया। संचालन प्रो. वत्सला श्रीवास्तव ने किया। रचनाकारों को ऋतु दीक्षित, डाॅ. अलका दूबे, राजलक्ष्मी मिश्रा और डाॅ. प्रेमनारायण सिंह ने प्रमाणपत्र दिया। स्वागत सूर्यकांत त्रिपाठी और मधुबाला सिंह, संयोजन डाॅ.अरविंद मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन रुद्रनाथ त्रिपाठी ने किया। वहीं, अस्सी घाट पर ही घाट संध्या में गाजियाबाद से आए डॉ. तपन राॅय, सुमेधा बरार, अनन्या भट्टाचार्य और तोरुनिमा राॅय ने कथक की मोहक प्रस्तुति दी। संचालन डाॅ. प्रेमनारायण सिंह ने किया।