फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BHU: ब्लैक फंगस की वजह से निकाला जबड़ा तीन साल बाद किया इंप्लांट, पहले की तरह खाना खा सकेगा मरीज

Thu, 06 Mar 2025 02:16 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में जटिल सर्जरी हुई। ब्लैक फंगस की वजह से 75 साल के एक मरीज का निकाला गया जबड़ा तीन साल बाद इंप्लांट किया गया। जिससे पहले की तरह वह खाना खा सकेगा। 
विज्ञापन
सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की टीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीएचयू के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में 75 साल के एक मरीज को जाइगोमा इंप्लांट किया गया। जिसके बाद अब मरीज पहले जैसे चबाने वाली चीजें खा सकता है। साथ ही स्पष्ट बोल सकता है। कोरोना काल में ब्लैक फंगस के कारण उसका जबड़ा निकाल दिया था। प्रोफेसर रमेश सोनी की टीम ने यह सर्जरी की है। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मरीज की उम्र अधिक होने से सर्जरी भी जटिल थी। डॉ. प्रियांक राय, डॉ. स्टैनज़िन, डॉ. स्निग्धा, डॉ. नचम्मई ने क्वाड जाइगोमा इम्प्लांट तकनीक (इसमें गाल के पास की हड्डी का प्रयोग करते हैं।) का इस्तेमाल किया। 

इस प्रक्रिया में गाल की हड्डियों में चार इम्प्लांट लगाए गए, जिससे ऊपरी जबड़े की हड्डी के बिना भी एक स्थिर आधार बनाया जा सके। इसके बाद, एक खास धातु का फ्रेम बनाकर उसमें मैग्नेट लगाए गए। इन मैग्नेट्स की मदद से कृत्रिम दांत (प्रोस्थेसिस) को भी आसानी से जोड़ा जा सका। 
विज्ञापन


बताया कि इस सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। साथ ही उसके चेहरे की सुंदरता भी वापस आई। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एचसी बरनवाल ने टीम को बधाई दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें