जापान के वैज्ञानिकों ने वाराणसी में लॉन्च किया संयंत्र
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इंडियन एसोसिएशन ऑफ जापान की टीम रविवार को शहर में थी। नागरिकों को एक शुद्ध पेयजल मिले, इसके लिए जापान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा संयंत्र तैयार किया है जो गंदे पानी को शुद्ध एवं साफ करेगा।
विज्ञानियों का दावा है कि यह संयंत्र बिना बिजली के भी पानी को साफ करेगा।
जापानी वैज्ञानिक हाशिम मोतो व ओतो गावा ने कहा कि एक ऐसा आरओ संयंत्र तैयार किया है जो बिना बिजली के दूषित पानी की गंदगी को दूर कर स्वच्छ कर देगा। रविवार को संयंत्र की लांचिंग भेलूपुर स्थित एक होटल में हुई।
वैज्ञानिकों ने गंगाजल को घर में आपूर्ति होने वाले पानी को संयंत्र से साफ किया। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि सामान्य आरओ से आर्सेनिक तो खत्म हो जाती है लेकिन बैक्टीरिया रह जाता है।
इसके चलते तमाम तरह की समस्याएं पैदा होती हैं लेकिन जापानी तकनीक से बने आरओ से दूषित पानी शत-प्रतिशत साफ हो जाता है।
इंडियन एसोसिएशन आफ जापान के अध्यक्ष डॉ. संजय मेहरोत्रा ने बताया कि नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही से वार्ता हुई है। जल्द ही इस मशीन को मंगाया जाएगा।
बैठक में जर्मनी की तकनीक से भी ज्यादा कारगर आरओ मशीन उपलब्ध कराने, काशी में सबसे पहले इसकी लांचिंग करने की योजना, आर्गेनिक केमिकल का आविष्कार कर दूषित जल को साफ करना और सौर ऊर्जा द्वारा वाराणसी के गांवों को भी रोशन करने की तैयारी है। वहीं दूसरी ओर क्योटो से आए जापानी दल ने भी काशी का भ्रमण किया। गंगा घाट से लेकर शहर के विभिन्न इलाकों में घूमा। बनारस की गलियों को देखा और यहीं की साफ-सफाई एवं सुविधाओं को भी जाना।