रक्षाबंधन के बाद अब कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि को लेकर संशय बना हुआ है। इस बार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव दो दिन मनाने की बात हो रही है। काशी कर्मकांड परिषद के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनाई जाएगी और इसी दिन लीलाधर की झांकी सजेगी। मध्याह्न व्यापिनी अष्टमी होने के कारण गृहस्थ अष्टमी का व्रत 19 को रखेंगे।
काशी कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि 18 की रात 12.09 बजे लग रही है जो 19 की रात 12.58 बजे तक रहेगी। मध्य रात्रि व्यापिनी अष्टमी होने के कारण अष्टमी 19 को मनाई जाएगी। गृहस्थों की अष्टमी 19अगस्त को होगी।
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में अर्द्धरात्रि में वृष राशि के चंद्रमा में हुआ था। भगवान विष्णु के दशावतारों में से सर्व प्रमुख पूर्णावतार सोलह कलाओं से परिपूर्ण भगवान श्रीकृष्ण को माना जाता है जो द्वापर के अंत में हुआ था।