‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जमाअत-ए-इस्लामी हिंद अखिल भारतीय स्तर पर अभियान चलाने जा रही है। अभियान की शुरुआत रविवार को दिल्ली से होगी।
शनिवार को पराड़कर भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद गोरखपुर के सचिव मौलाना मतीउल्लाह फलाही ने कहा कि शरई कानून को लेकर न सिर्फ गैर मुस्लिम बल्कि मुस्लिमों को भी गलतफहमी है।
खास तौर पर उनमें पारिवारिक जागरूकता की कमी है। चाहे वो तीन तलाक का मुद्दा हो या फिर कोई और। उन्होंने कहा कि इन्हीं गलतफहमियों को दूर करने के मकसद से हम देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं।
23 अप्रैल से सात मई तक अभियान चलाकर हम अलग-अलग जिलों और शहरों में मुसलमानों को शरई कानून की जानकारी देंगे। इस क्रम में 25 अप्रैल को एओ मुस्लिम इंटर कॉलेज लल्लापुरा में मुस्लिम पर्सनल लॉ की शरई हैसियत पर सेमिनार का आयोजन किया गया है।
पूर्वांचल के जिलों में भी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। पर्सनल लॉ बोर्ड के इस फैसले को भी जमीअत का पूरा समर्थन है।