जल निगम (पेयजल) के अवर अभियंता सुशील कुमार गुप्ता (34) सुशील कुमार गुप्ता का शव बुधवार सुबह नई दिल्ली से सड़क मार्ग से भदोही जिले के लाला नगर स्थित उनके पैतृक आवास पर लाया गया। शव आते ही पूरे गांव में मातम छा गया। दोपहर बाद डेरवा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बनारस में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल जेई को नई दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई थी। गोपीगंज थाना क्षेत्र के लालानगर गांव निवासी सुशील गुप्ता (34) पुत्र मुरारी लाल गुप्ता जल निगम में जूनियर इंजीनियर के पद पर वाराणसी में तैनात थे।
करीब हफ्तेभर पूर्व वाराणसी के लंका में पेयजल पाइपलाइन की गैपिंग ठीक कराते समय रात में दर्जनभर छात्रों ने सुशील और ठेकेदार पर प्राणघातक हमला कर दिया था। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था, लेकिन जेई की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली एम्स भेज दिया गया था, जहां मंगलवार को दोपहर में उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन एंबुलेंस से शव लेकर बुधवार को दोपहर घर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया।
किसी तरह के बवाल की आशंका से सीओ ज्ञानपुर और सीओ औराई दो थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर बाद मुख्य अभियंता वाराणसी बीपी मिश्रा भी मृतक के घर पहुंच गए।
उन्होंने मौके पर मौजूद औराई विधायक दीनानाथ भास्कर और जेई के परिजनों को आश्वासन दिया कि पूरे प्रदेश के जल निगम के कर्मचारियों का एक दिन का वेतन पीड़ित परिजनों को जाएगा। साथ ही मृतक की पत्नी को नौकरी दी जाएगी।
इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय डेरवा घाट ले गए। सुशील गुप्ता दो भाइयों में बड़े थे और घर में एकलौते कमाऊ पूत थे। उनके जाने से पूरा परिवार बिखर गया है। मृतक जेई को दो लड़के शशिकांत (4), चिंटू (2) और एक बेटी दिव्या (6) है।