वाराणसी। पेयजल परियोजना में की गई अनियमितता को लेकर बुधवार की देर रात भेलूपुर थाने में जल निगम के तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शासन के निर्देश पर जल निगम के अधिशासी अभियंता ने यह एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, कूट रचना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जल निगम के अधिकारियों द्वारा जेनर्म योजना के फेज वन और फेज टू के पेयजल परियोजना में की गई गड़बड़ी को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई। 227 करोड़ के इस परियोजना में अधिकारियों ने मनमाने ढंग से कुल 1200 लोगों को ठेका दे दिया था। इसके बाद यह योजना पूरी नहीं हो पाई और आज तक इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल सका। शहर में आज भी टंकियां खड़ी हैं लेकिन पानी नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने जांच कराने का निर्देश दिया। इस जांच पर ही कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने एक कमेटी बनाकर जांच कराई, जिसमें बहुत सारी गड़बडि़यां मिली। इसके बाद लखनऊ से एमडी जांच करने पहुंचे तो हकीकत सबके सामने आ गई। इस लापरवाही पर ही शासन के निर्देश पर 17 लोग निलंबित कर दिए गये। जबकि तीन अधिकारियों प्रबंध निदेशक अनिल कुमार श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता आरपी पांडेय और अधिशासी अभियंता सतीश कुमार के खिलाफ शासन ने एफआईआर कराने का निर्देश दिया। इस पर जल निगम के अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ थाना भेलूपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एफआईआर दर्ज की गई।