बीएचयू दुर्गोत्सव समिति की ओर से स्थापित दुर्गा प्रतिमा और देवी दरबार में नृत्य करती छात्रा सुचित्रा सेन।
काशी में शुक्रवार की शाम दुर्गा पूजा महोत्सव की छटा निखरने लगी। पंडालों में सविधि मंत्रोच्चार के साथ महिषासुर मर्दिनी के विविध रूपों वाली प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना कर दी गई। कहीं वन देवी तो कहीं कमल पुष्प पर इलेक्ट्रानिकल शो के जरिए मां दुर्गा प्रगट होंगी। इसी के साथ शहर और जिले को मिलाकर 475 स्थानों पर जगत जननी जगदंबा की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा कर दी गई। तीन दिवसीय शक्ति आराधना के महोत्सव की झांकियों के पट शनिवार की शाम को खुलेंगे। इसी के साथ सड़कों पर दर्शनार्थियों का रेला उमड़ पड़ेगा। ऊबड़-खाबड़ सड़कें परेशानी का कारण बनेंगी।
दुर्गा पूजा महोत्सव की झांकियां शुक्रवार को सज गईं। प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना दिन के 11 बजे से ही शुरू हो गई। सिगरा के भारत सेवाश्रम संघ, लक्सा के रामकृष्ण मिशन, जंगमबाड़ी के ईगल क्लब, भेलूपुर के जिम स्पोर्टिंग क्लब में दुर्गा की नयनाभिराम प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा कर दी गई। हथुआ मार्केट में कमल पुष्प पर मां दुर्गा प्रगट होंगी। इसके लिए बेहद आकर्षक इलेक्ट्रानिक शो तैयार किया गया है। डेढ़ मिनट का शो शनिवार की शाम से शुरू होगा। दक्षिण भारत के वृहदेश्वर मंदिर की अनुकृति वाले पंडाल में लाखों की भीड़ उमड़ने का अनुमान है। इसी तरह सनातन धर्म इंटर कॉलेज के पंडाल में हिमालय पर्वत पर साधनारत दुर्गा की झांकी इलेक्ट्रनिकल शो के जरिए दिखाई जाएगी। रामनगर किले की अनुकृति वाले पंडाल में महिषासुर के ललकारने पर साधनारत दुर्गा पहाड़ फाड़कर प्रगट होंगी। इसके बाद महिषासुर का वध करेंगी।
तीन मिनट के इस शो में नव दुर्गा के स्वरूपों के भी दर्शन होंगे। गीता मंदिर गेट की प्रतिमा में भी गांव का दर्शन होगा तो मां बागेश्वरी देवी जैतपुरा के पंडाल में पटसन की देवी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। मां जगदंबा पूजनोत्सव समिति कतुवापुरा में गंगा निर्मलीकरण का संदेश दिया जाएगा। पंडाल में प्रतिमा के समक्ष गंगा रूपी आकार बनाया गया है। नदेसर, लंका, भेलूपुर, सोनारपुरा, हनुमान घाट के पंडालों में प्रतिमाएं पहुंचा दी गईं।