गोल्डेन स्पोर्ट्स क्लब की प्रतिमा का हुआ विसर्जन, पुलिस ने ली राहत की सांस
सिंदूर खेला के बाद महिलाओं ने दी मां दुर्गा को विदाई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिमा का सोमवार की रात धूमधाम से विसर्जन हुआ। कड़ी सुरक्षा के बीच विसर्जन शोभायात्रा निकली। ढाई किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन घंटे 38 मिनट लग गए। वहीं शहर के दूसरे इलाके में भी प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक चलता रहा। प्रतिमा की सुरक्षा में सड़क तक 135 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
पांच फीट चौड़ी गली से होकर प्रतिमा को निकाला गया, जहां पुलिस पूरी तरह सतर्क रही।सोमवार की शाम को देवनाथपुरा से गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा आरंभ हुई। इसके पूर्व महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया और एक दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला की रस्म भी निभाई। छह बजे शाम को मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। प्रतिमा स्थल से संकरी गलियों से होते हुए सड़क तक प्रतिमा के पहुंचने में एक घंटा 18 मिनट का समय लग गया। भगवान गणेश, कार्तिकेय, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की प्रतिमा 6:44 बजे सड़क पर पहुंच गईं। इसके बाद 33 मिनट बाद 7:18 बजे मां दुर्गा की प्रतिमा सड़क पर पहुंची। चौराहे पर भव्य आतिशबाजी की गई और पूरा चौराहा हर-हर महादेव के साथ माता के जयकारे से गूंज उठा। रात में 9:38 बजे मां दुर्गा की प्रतिमा को मैदागिन स्थित कंपनी गार्डेन में विसर्जित किया गया। एक दिन पूर्व कुछ लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश के बाद सुरक्षा को सख्त किया गया था। पुलिस की मुस्तैदी के बीच प्रतिमा का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
बहराइच घटना को लेकर पुलिस रही सतर्क
बहराइच में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए हिंसक झगड़े के बाद वाराणसी पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से होकर गुजरने वाली गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिमा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इलाके में 550 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। तीन थानों की फोर्स और पीएसी की कंपनी लगाई गई थी।