देव दीपावली पर काशी के सभी घाट और गलियों में भीड़ होने से लोगों को शाम को पैर रखने के लिए तक जगह नहीं थी। इससे सबसे अधिक परेशानी शवों के अंतिम संस्कार के लिए आने वालों को हुई। मुख्य सड़क से मणिकर्णिका घाट तक पहुंचने में लोगों को एक घंटे का समय लग रहा था। शाम करीब 4 बजे मणिकर्णिका घाट की गलियों में 400 से 500 लोग मौजूद रहे।