गोदौलिया लाठीचार्ज और प्रतिकार यात्रा में बवाल के बाद रविवार की शाम पहली बार सभी धर्मों के गुरु एक साथ शांति-सद्भाव का संदेश देने निकले। धर्मगुरुओं के साथ शहर के नामचीन गायकों ने भी कदम से कदम मिलाया।
अस्सी घाट पर कैंडिल जलाकर शांति की अपील की गई। प्रार्थना सभा में ठुमरी गायिका गिरिजा देवी ने काशीवासियों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि बनारस आपका है, इसे बचाना आपका काम है। तहजीब के शहर में नवरात्र, दशहरा, मोहर्रम जैसे त्योहारों को मिलजुल कर मनाया जाना चाहिए।
अस्सी घाट पर रविवार की शाम करीब पांच बजे कैंडिल जलाकर धर्मगुरुओं ने काशी में अमन-चैन कायम रखने के लिए प्रार्थना की। सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि बनारस गंगा जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि परंपराओं को समय के हिसाब से बदला जाता है। पहले माचिस था, अब लाइटर आ गया है। इसलिए हमें भी बदलना होगा। इस मौके पर फादर बी जॉन, ख्याल गायक पं. साजन मिश्र, मछली बंदर मठ के महंत बिमल देव तीर्थ, शिया जामा मसजिद के प्रवक्ता फरमान हैदर, रामयश मिश्र समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संयोजन जागो बनारस के संस्थापक दीपक मधोक ने किया था।