काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने से पहले आयुष्मान कार्ड का ब्योरा देना होगा। यह व्यवस्था 15 अगस्त से लागू की जाएगी। इसके जरिये ज्यादातर कार्डधारकों को लाभ मिल सकेगा। सारी जानकारी पर्चा बनवाने के साथ ही ली जाएगी। इसके लिए हेल्प डेस्क बनाई गई है। आयुष्मान कार्डधारक और उसके परिवार को पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज मिलता है।
ट्रॉमा सेंटर में तमाम कार्डधारक आते हैं, लेकिन निशुल्क इलाज का लाभ नहीं ले पाते हैं। ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि इमरजेंसी गेट के बाहर काउंटर बनाया गया है, जहां इमरजेंसी का पर्चा बनवाते समय मरीजों के परिजनों से प्रोफार्मा भरवाया जाएगा। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ ही आयुष्मान कार्ड का नंबर लिया जाएगा।
आयुष्मान कार्ड न बनने की जानकारी भी देनी होगी। वर्ष 2022 में जहां 972 लोगों ने आयुष्मान योजना का लाभ लिया था। इस साल जनवरी से जुलाई तक 748 लोग लाभ ले चुके हैं। यह संख्या और बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।