पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि उसने यूट्यूब के माध्यम से साफ्टवेयर खरीदा। यूट्यूब पर सॉफ्टवेयर की पूरी जानकारी दी गई है। एक लिंक है जिसपर जाकर सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया जा रहा है और उसका ऑनलाइन पेमेंट किया जा रहा है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
रमेशचंद मीना, आरपीएफ, थाना प्रभारी आजमगढ़।
साफ्टवेयर की क्या है भूमिका
तत्काल टिकट आरक्षण कराने वाले गिरोह के सदस्य कई लोगों की टिकट बुकिंग का डाटा पहले से ही साफ्टवेयर में अपलोड कर तैयार रहते हैं। जैसे ही वेबसाइट खुलती है गिरोह इस साफ्टवेयर के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट को हैक कर एक साथ कई टिकट बुक करा लेते हैं। जिन्हें काफी ऊंची कीमत पर बेचा जाता है।