रितेश लंबे समय से मुंबई में रहा और जालसाजों के संपर्क में ऑनलाइन आया था। इसके बाद दिवाकर समेत 10 लोगों को मुंबई में 10 दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया था। यह सभी व्यवस्थाएं मलिक फर्म की ओर से की गई थीं।
रवि दिवाकर शुक्ला का करीबी चोलापुर के करमा का रहने वाला रवि यादव, सुल्तानपुर के दौड़ापुर खेड़ी निवासी अर्पित तिवारी, सिंधोरा बाजार निवासी अमन सिंह, जौनपुर के जमालपुर निवासी विकास पटेल समेत अन्य को प्रशिक्षण के बाद वाराणसी में जोड़ा गया था।
अधिकारी बोले
एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने बताया कि क्राइम ब्रांच से जांच ट्रांसफर होकर साइबर क्राइम को सौंपी गई है। साइबर विशेषज्ञों की टीम ने जांच शुरू कर दी है। मलिक फर्म के आरोपियों को चिन्हित करने के साथ ही बैंक खातों के विवरण भी जुटाए जा रहे हैं।