कैंट स्टेशन के वाहन पार्किंग में 203 दोपहिया वाहनों के जलकर नष्ट होने का मामला, मुआवजे का इंतजार कर रहे वाहन मालिक
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माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन के पार्किंग में आग से 203 वाहनों के जलने के मामले में हाईलेवल कमेटी की जांच ठंडी पड़ गई। 16 दिन बाद भी कमेटी की जांच अधूरी है। शॉर्ट सर्किट से आग लगी या फिर साजिश हुई आदि बिंदुओं पर छानबीन के लिए एडीआरएम लालजी चौधरी ने हाई लेवल कमेटी गठित की थी। आग की घटना के तीन बाद ही यूनियन चुनाव के कारण जांच की आंच धीमी होती चली गई। फिलहाल अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। उधर, वाहन स्वामियों को मुआवजे का इंतजार है। 150 लोगों ने अपने पेपर, इंश्योरेंस रेलवे को सौंपे हैं। वहीं, घटना से भी कैंट स्टेशन पर सबक नहीं लिया गया। अब भी वहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है। आग लग जाए तो फिर फायर बिग्रेड के भरोसे ही रहना पड़ेगा।
तीन कर्मियों को एडीआरएम ने किया था निलंबित केयर टेकर समेत तीन रेल कर्मियों को एडीआरएम ने घटना के दूसरे दिन निलंबित कर दिया था। हालांकि निलंबित रेल कर्मियों का आरोप रहा कि यह लापरवाही इंजीनियरिंग और बिजली विभाग की थी। शॉर्ट सर्किट की समस्या को लेकर पूर्व में अधिकारियों और रेल के बिजली विभाग से शिकायत की गई थी। अपनी कमियों काे छिपाने के लिए सबसे कमजोर वर्ग पर कार्रवाई हो रही है।
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आग घटना की जांच चल रही है। एडीआरएम जल्द ही रिपोर्ट सौंपेंगे। एसएम शर्मा, डीआरएम, लखनऊ मंडल