145 पेड़ काटने अनुमति ली, काटे गए ज्यादा, पांच साल में चंदन के सात पेड़ काटे गए संवाद न्यूज एजेंसी वाराणसी। पेड़ कटाई को लेकर बीएचयू को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि बीते तीन साल में कितने पेड़ काटे गए। पेड़ काटने से पहले वन विभाग की अनुमति क्यों नहीं ली गई। जो पेड़ कटे हैं, उनका भुगतान क्यों नहीं किया गया। वन संरक्षक की ओर से बनाई गई कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।
वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि बीएचयू ने पिछले चार साल में वन विभाग से सिर्फ 145 पेड़ों को काटने अनुमति ली। लेकिन, कैंपस में इससे ज्यादा पेड़ों की कटाई की शिकायत आई। बीएचयू ने कटी हुईं लकड़ियों का कोई हिसाब भी नहीं दिया। विभाग की जांच में पता चला कि 2018 से 2023 तक चंदन के सात पेड़ काटे गए। इसका साक्ष्य भी मिला है। इसके साथ ही आम, अमरूद, सागौन, पीपल, नीम के पेड़ भी काटे गए। वन संरक्षक ने कहा कि बीएचयू में लगातार पेड़ काटने की शिकायत मिल रही है। बीएचयू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।