यशवंत होल्कर ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई की मूर्तियों का टूटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह गंभीर चूक है और क्षमा योग्य नहीं है। माता की प्रतिमा बहुत प्राचीन है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रशासन से प्रतिमाएं भी मांगी हैं ताकि उन्हें मढ़ी निर्माण पूरा होने तक उन्हें स्थापित कराकर उनका पूजन कराया जा सके।
इसके लिए वह पुजारियों को भी नियुक्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम मां से प्रार्थना करते हैं कि जिन लोगों ने भी यह गलती की है, उन्हें माफ करें। दूसरी ओर अफसरों का कहना है कि गुरुधाम मंदिर में मूर्तियां संरक्षित हैं। मणिकर्णिका प्रोजेक्ट पूरा होते ही उन्हें संरक्षित किया जाएगा।