िसंबर माह में तनख्वाह खाते में तो समय पर आ जाएगी लेकिन रुपये हाथ में कब आएंगे, फिलहाल तो भगवान ही मालिक। नोटबंदी के बाद से बैंकों से बाजारों तक कैश की किल्लत इतनी जबरदस्त है कि लोग घंटों कतार में लगने के बाद भी अपनी जरूरतों के लिए पर्याप्त राशि नहीं निकाल पा रहे हैं। बुधवार को सर्किट हाउस के पास काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक पहुंचे राजस्व कर्मचारियों को जब वेतन नहीं मिला तो उन्होंने हंगामा कर दिया। उधर बैंक कर्मचारियों का वेतन 25 नवंबर को ही खाते में आ गया था। इस नाते बैंक कर्मचारियों ने 24 हजार का चेक लगाकर अपने वेतन का एक हिस्सा निकाल लिया है। बाकी विभागों में वेतन कैसे बंटेगा, इसके लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। आरबीआई से अब तक मात्र सवा करोड़ रुपये मूल्य के पांच सौ के नए नोट भेजे गए हैं जबकि सात सौ करोड़ की डिमांड की गई थी। इससे बैंकों के लिए हालात संभलना मुश्किल हो गया है।
अभी महज 30 प्रतिशत एटीएम काम कर रहे हैं। 70 प्रतिशत एटीएम अपग्रेड ही नहीं हुए हैं। नकदी न मिलने पर राजस्व अमीन संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में सर्किट हाउस के पास ग्रामीण बैंक में हंगामा हुआ। इसके बाद बैंक मैनेजर ने किसी तरह से कैश का प्रबंध किया और शाम सात बजे वेतन का कुछ हिस्सा हंगामा करने वालों को दिया। लीड बैंक मैनेजर रंजीत सिंह ने कहा कि कैश की किल्लत के बारे में आरबीआई से बात की गई है, कल-परसों तक कैश आ जाएगा। स्वाइप मशीन की डिमांड बढ़ी है लेकिन अभी इसकी सप्लाई कम है। आवेदकों को यह तत्काल उपलब्ध नहीं हो पा रही है। एसबीआई मेन ब्रांच के एजीएम एके सिंह ने बताया कि आरबीआई को डिमांड भेजी गई है। कैश की थोड़ी दिक्कत है। 100 और 50 के नोट जमा होने लगे हैं। उन्हीं से काम चलाया जाएगा। एटीएम चालू हैं लेकिन उनसे दो हजार के नोट निकल रहे हैं।
पीएम के संसदीय क्षेत्र में नोटबंदी के बाद उपजे हालात के बारे में सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक एसबीआई के डीजीएम टीपी लाला से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कानपुर के अधिकारी बताएंगे। उन्होंने पीएम के संसदीय क्षेत्र में नोटबंदी के चलते जनता को होने वाली परेशानी को दूर करने की दिशा में उठाए गए कदम के सवाल पर भी सलाह दी कि जो दिख रहा है, वही लिखें। बता दें कि सरकारी बैंक अधिकारियों के रवैये से परेशानी कम होने के बजाय बढ़ रही है। वहीं निजी बैंक का रवैया सरकारी बैंकों से उलट है। निजी बैंकों में सारी प्रक्रिया पूरी करने के साथ दो मिनट में कैश निकलता है तो सरकारी बैंकों में कैश के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।
काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक उमरहां, जाल्हूपुर, गौराकला शाखा मे कैश की किल्लत से खाताधारक बुधवार को परेशान रहे। पेंशन धारक चार दिन से पैसा निकालने बैकं जा रहे हैं लेकिन बैंक में पैसा नहीं होने से वापस लौट रहे हैं। बरियासनपुर के बालकिशुन पटेल, रुस्तमपुर के अरविंद का कहना है कि चार दिन से उमरहां काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक में जा रहे हैं वहां बताया जा रहा कि कैश नहीं है। कैश की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जाल्हूपुर के प्यारे लाल, गौराकला के रामशरन भी बैकं से पैसा नहीं निकलने से परेशान हैं।
कस्बे में ओरियंटल बैंक, स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, को-आपरेटिव बैंक की शाखाओं में बुधवार को रुपये की किल्लत के चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं मुनारी व धौरहरा यूनियन बैंक में भी पैसा न होने से लोगों को निराश लौटना पड़ा । वहीं चौबेपुर स्टेट बैंक का एटीएम बंद होने की वजह से लोग परेशान दिखे । ओरियंटल बैंक में रुपये की कमी के चलते इसके एटीएम पर लोगों की कतारें लगी रही । शादी विवाह व बुआई, जुताई व खाद बीज का इंतजाम करने वाले किसान परेशान हैं।