श्री गणेश वर्णी दिगंबर जैन संस्थान नरिया में भारतीय दर्शनों पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हो गया। प्रो. राजकुमार छाबड़ा, जोधपुर विश्वविद्यालय की ओर से तत्वार्थसूत्र की समस्या और सर्वार्थसिद्धि की प्रस्तावना को मान्यता देने का प्रश्न पर व्याख्यान हुआ। इंदौर विश्वविद्यालय के प्रो. अनुपम जैन ने जैन धर्म के वैज्ञानिक पहलु और जयपुर के डाॅ. अनिल कुमार जैन ने जैन जनसंख्या पर संवाद किया। बीएचयू के प्रो. एसएस सिन्हा ने भारतीय कला संस्कृति में पार्श्वनाथ, डाॅ. प्रज्ञा दोंनगांवकर ने पंच कल्याणक और प्रो. डीपी शर्मा ने सिंधु सभ्यता के जैन चिह्न पर व्याख्यान दिए। पैनल चर्चा में भारतीय दर्शनों में सर्वज्ञ सत्ता को भूत, भविष्य और वर्तमान का ज्ञान बताया गया। पार्श्वनाथ विद्यापीठ के निदेशक प्रो. विजय शंकर शुक्ला और मुख्य अतिथि प्रो. प्रद्युम्न शाह सिंह थे। अध्यक्षता प्रो. मारुति नंदन तिवारी ने की। संचालन डाॅ. संजीव सर्राफ ने किया।