अधिवक्ता सन्नी केशरी ने बताया कि बीएचयू अस्पताल परिसर स्थित सीटी स्कैन सेंटर से जांच रिपोर्ट लेकर वापस ट्रॉमा सेंटर पहुंचने के बाद करीब दो घंटे तक डॉक्टर और कर्मचारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन मरीज को केवल स्ट्रेचर पर रखा गया और उपचार शुरू नहीं किया गया।
बिना नेम प्लेट ड्यूटी कर रहे एक गार्ड ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और इलाज कराने से मना किया। सन्नी केशरी ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में जब इलाज नहीं मिला तो मजबूरी में मंडलीय अस्पताल लेकर गए और वहां इलाज शुरू हुआ। सन्नी ने ट्रॉमा सेंटर में मरीज को समय से इलाज न मिलने के मामले में आईएमएस बीएचयू प्रशासन से जांच और ठोस कार्रवाई की मांग की।
ट्रॉमा सेंटर में आने वाले सभी मरीजों का तत्काल उपचार, जांच किया जाता है। परिजनों के सीटी स्कैन मशीन खराब होने का आरोप है। सर सुंदरलाल अस्पताल भी आईएमएस का ही अंग है। मरीज के इलाज में लापरवाही की कोई शिकायत नहीं मिली है। - प्रो. अजीत सिंह, प्रभारी ट्रॉमा सेंटर