माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। जिले में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली कब जाएगी और कब आएगी। इसका कोई समय निर्धारित नहीं है। कहीं तार जलने के बाद आपूर्ति बहाल होने में दो से तीन घंटे लग रहे हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर बदलने में 10 से 15 घंटे में भी लग रहे हैं। कटौती का असर अब जीवन रक्षक दवाओं पर भी दिखने लगा है। सप्तसागर दवा मंडी में पिछले एक सप्ताह से बिजली कटने की वजह से दवाओं के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे परेशान दवा विक्रेताओं ने मैदागिन उपकेंद्र पहुंचकर अपनी आपत्ति जताई। उधर, रोहनिया के खैरा इलाके में पिछले 48 घंटे से ट्रांसफाॅर्मर नहीं बदलने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में चौक, मैदागिन इलाके के साथ ही नरिया, सारनाथ, वरुणापार पांडेयपुर, करौंदी, मड़ौली आदि इलाके में पिछले एक सप्ताह से बिजली कटौती की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। दवा व्यापारियों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है। दवा विक्रेता समिति के महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि सप्तसागर दवा मंडी में 500 से अधिक दवा की दुकानें हैं। बहुत सी ऐसी दवाइयां, इंजेक्शन होती हैं, जिनको फ्रीज में 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर हमेशा रखना जरूरी होता है। नियमित बिजली न मिलने की वजह से दवाइयां खराब हो रही है।
भट्टी उपकेंद्र पर 10 एमवीए का लगा ट्रांसफाॅर्मर
जिले में भट्ठी उपकेंद्र पर बृहसपतिवार को 10 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगवाया गया। अधीक्षण अभियंता प्रमोद गोगानिया ने दोपहर में विधि विधान से इसका पूजन किया। इसके लगने के बाद उपकेंद्र पर ओवरलोडिंग खत्म हो जाएगी। साथ ही डीपीएच से टाउन 3 फीडर को भी इससे जोड़ा जाएगा। इस ट्रांसफाॅर्मर के लगने के बाद करीब 30 हजार की आबादी को पहले से बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।