संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सरस्वती भवन में रखी पांडुलिपियों का संरक्षण इंफोसिस फाउंडेशन की ओर से कराया जाएगा। फाउंडेशन ने संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान को 50 लाख रुपये दिए थे। अब तक 33,16,264 रुपये एक वर्ष में लगाए जा चुके हैं।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सरस्वती भवन में रखी पांडुलिपियों का संरक्षण इंफोसिस फाउंडेशन की ओर से कराया जाएगा। फाउंडेशन ने संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान को 50 लाख रुपये दिए थे। अब तक 33,16,264 रुपये एक वर्ष में लगाए जा चुके हैं। 16,83,736 रुपये और बचे हैं। बची धनराशि से दोबारा एक वर्ष का काम कराने के लिए प्रतिष्ठान के निदेशक प्रो. चांद किरण सलूजा और कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी, कुलसचिव केशलाल के बीच समझौता हुआ।
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सरस्वती भवन में करीब एक लाख पांडुलिपियां रखी गई हैं। संरक्षण में करीब 42 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। प्रो. चांद किरण सलूजा ने बताया कि ओएनजीसी से धनराशि प्राप्त कर सरस्वती भवन के पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए प्रयास करेंगे।
प्रमुख उद्योगपतियों को इस विरासत को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि सरस्वती भवन पुस्तकालय में रखी दुर्लभ पांडुलिपियों को संरक्षित करने के लिए इंफोसिस फाउंडेशन द्वारा अनुबंध किया गया। उन्होंने प्रमुख उद्योगपतियों, उच्च संस्थानों सहित अन्य लोगों से अपील करने की बात कही।