एक्सीलेरेटर कार्यक्रम के तहत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) कल्लीपुर में बुधवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें समृद्ध 2.0 शृंखला धान की सीधे बोआई (डीएसआर) तकनीक और क्लस्टर आधारित कृषि मॉडल को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया। इसका उद्देश्य पूर्वी यूपी के 15 प्रमुख जिलों में डीएसआर क्लस्टरों की पहचान और मैपिंग कर स्थायी और जलवायु के अनुकूल धान की खेती को बढ़ावा देना है। केवीके प्रमुख डॉ. नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में 50 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। इनमें किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के प्रतिनिधि, प्रगतिशील महिला किसान शामिल हुए। वॉटर रिसोर्सेज ग्रुप की डॉ. अंजलि ने कार्यक्रम की शुरुआत की। कृषि विभाग के उप निदेशक अमित जायसवाल ने डीएसआर की उत्पादकता बताई।