फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय कामगारों के पसंदीदा ठिकाने हैं तेल समृद्ध खाड़ी देश

Sun, 08 Jan 2017 06:06 PM IST
शैलेश कुमार शुक्ल, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
सऊदी अरब में भारतीय कामगार - फोटो : getty
विज्ञापन
अमेरिका का सिलिकॉन वैली हो या यूरोपीय देश हर तरफ भारतीय कामगारों की धूम है। पर अगर भारतीय कामगारों की पसंद देखी जाय तो तेल समृद्ध खाड़ी देश अब भी उनकी पसंदीदा जगह बने हुए हैं। विदेश जा रहे भारतीयों के ताजा ट्रेंड पर नजर डाली जाए तो वे अमेरिका और यूरोप के बजाय दक्षिण, दक्षिण पूर्व और मध्य एशिया  ज्यादा जा रहे हैं।
विज्ञापन
  भारतीय अर्थव्यवस्‍था में 69 अरब डालर का योगदान करने वाले प्रवासी भारतीय सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में रहते हैं। विदेश मंत्रालय के आंकडों के मुताबिक सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान, कतर आदि देशों में 82 लाख से अधिक भारतीय काम करते हैं।

पेट्रो डालर की तलाश में खाड़ी के देशों में जाने वाले लोगों की संख्या में 150 फीसदी की तेजी भी आई है। बता दें कि पूर्वांचल के आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, भदोही आदि जिलों से बड़ी संख्या कामगार रोजगार की तलाश में हर साल खाड़ी देशों का रुख करते हैं। वहीं वाराणसी के पासपोर्ट कार्यालय से हर महीने करीब छह हजार लोग पासपोर्ट बनवाते हैं।
विज्ञापन
  इंडिया स्पेंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कामगारों के साथ अन्याय की शिकायत भी सबसे ज्यादा खाड़ी देशों से ही आती है। विदेश मंत्रालय के आंकडों के मुताबिक खाड़ी के छह देशों से सबसे ज्यादा भारतीयों ने शिकायत की है। इसमें सऊदी अरब और कतर सबसे ऊपर हैं।
विज्ञापन

दुनियाभर में रहते हैं तीन करोड़ भारतीय

सूरीनाम के उपराष्ट्रपति माइकल अश्विन और पीएम मोदी - फोटो : twitter
भारतीयों के पसंदीदा ठिकानों में दूसरे नंबर पर उत्तरी अमेरिका महाद्वीप है। यहां करीब 15 लाख भारतीय रहते हैं। अमेरिका महाद्वीप जाने वाले भारतीयों की संख्या में करीब 62 फीसदी की तेजी आई है।   चौंकाने वाला तथ्य यह है कि मध्य और दक्षिण एशिया के देश भारतीयों के पसंदीदा ठिकाने के रुप में उभर रहे हैं। इन देशों में अब सात लाख से अधिक भारतीय रहते हैं। यहां रह रहे भारतीयों की संख्या में 5190 प्रतिशत की तेजी आई है। इसके अलावा आस्ट्रेलिया जाने वाले लोगों में 206   इसे सख्त आव्रजन नीतियों का असर कहें या रोजगार का अभाव, उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी यूरोप के देशों में जाने वाले भारतीय कामगारों की संख्या में दो प्रतिशत की कमी आई है। यहां करीब छह लाख भारतीय रहते हैं। वहीं आस्ट्रेलिया, उत्तरी अफ्रीका जाने से भी भारतीय परहेज कर रहे हैं।   एक अनुमान के मुताबिक कुल तीन करोड़ भारतीय दुनिया के विभिन्न देशों में रहते हैं। बता दें कि 14वां प्रवासी भारतीय दिवस बेंगलुरु में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुर्तगाली प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा भी पहुंचे ।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें