फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Railway: प्रयागराज-बलिया रूट की ट्रेनें अब नहीं होंगी लेट, ट्रैक दोहरीकरण का काम जल्द होगा पूरा

Fri, 07 Apr 2023 11:11 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 प्रयागराज-बलिया रूट पर वाराणसी कैंट और सिटी स्टेशन के बीच चार किलोमीटर का रेलवे ट्रैक सिंगल है। इस कारण ट्रेनें तेज गति से नहीं निकल पाती हैं। इस ट्रैक का दोहरीकरण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
जंक्शन पर खड़ी ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रयागराज के झूंसी से वाराणसी और बलिया की तरफ जाने-आने वाली ट्रेनें अब देरी से नहीं चलेंगी। ट्रैक दोहरीकरण का काम 15 मई तक पूरा जाएगा, फिर ट्रेनों को आउटर पर रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तेज गति से ट्रेनें पास कराई जा सकेंगी।

विज्ञापन


वाराणसी कैंट व वाराणसी सिटी स्टेशन के बीच चार किलोमीटर का रेलवे ट्रैक सिंगल है। इस कारण ट्रेनें तेज गति से नहीं निकल पाती हैं। झूंसी-बलिया रूट को जोड़ने वाले इस ट्रैक का दोहरीकरण कराया जा रहा है। यह काम मई में पूरा हो जाएगा।
ये भी पढ़ें: आकांक्षा दुबे केस में आरोपी समर सिंह को पुलिस ने ढूंढ निकाला, मिल सकते हैं इन अनसुलझे सवालों के जवाब
विज्ञापन


डाक प्लेटफॉर्म बनने से बढ़ जाएगी परिचालन क्षमता
कैंट रेलवे स्टेशन पर डाक प्लेटफॉर्म 10-11 बनाए जा रहे हैं। मालगोदाम छोर पर बन रहे प्लेटफॉर्म का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे नान इंटरलॉकिंग के जरिये रेलवे पटरियों से जोड़ा जाएगा। इससे कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता 20 फीसदी बढ़ जाएगी। 10-11 नंबर प्लेटफार्म से ही प्रयागराज और प्रतापगढ़ रूट की ट्रेनें ओरिजनेट और टर्मिनेट होंगी।

पैसेंजर ट्रेनें भी नहीं रुकेंगी

कैंट रेलवे स्टेशन पर बन रहा नया एफओबी - फोटो : अमर उजाला
कैंट रेलवे स्टेशन पर गुड्स बाईपास ट्रैक भी बनाया जा रहा है, जो शिवपुर स्टेशन से कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नौ के पास से गुजरेगा। इस ट्रैक से मालगाड़ियां ही चलाई जाएंगी। बिना यॉर्ड में आए निकलने वाली इन मालगाड़ियों के कारण दूसरी ट्रेनें नहीं रोकी जाएंगी। सबसे ज्यादा लाभ पैसेंजर ट्रेनों को मिलेगा, जो कि मालगाड़ियों को पास कराने के चक्कर में लंबे समय तक रोकी जाती हैं।

कैंट स्टेशन निदेशक गौरव दीक्षित ने कहा कि झूंसी-बलिया के बीच में वाराणसी कैंट-वाराणसी सिटी के बीच ही ट्रैक सिंगल लाइन है। इसका दोहरीकरण कराया जा रहा है। 15 मई तक नॉन इंटरलॉकिंग के साथ ही काम पूरा होने की उम्मीद है। डाक प्लेटफार्म नंबर 10-11 के बनने से कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता 20 फीसदी बढ़ जाएगी। 

निरस्त रहेंगी वाराणसी रूट की कई ट्रेनें

उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल के मुरादाबाद-रोजा रेल खंड पर रसुरिया व बंथरा स्टेशनों पर लंबी लूप लाइन और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है। इसके चलते कई ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। इनमें कुछ ट्रेनें वाराणसी की भी शामिल हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जिन ट्रेनों को निरस्त किया गया है, उनमें ट्रेन संख्या 15119 बनारस–देहरादून डेली एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 15127 बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस शामिल है। ये ट्रेनें 8 से 11 अप्रैल तक निरस्त रहेंगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 15120 देहरादून-बनारस एक्सप्रेस, ट्रेन संख्या 15128 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस और ट्रेन संख्या 15910 लालगढ़-डिब्रूगढ एक्सप्रेस 9 से 13 अप्रैल तक निरस्त रहेंगी।
विज्ञापन

बदले रास्ते से जाएगी कई एक्सप्रेस ट्रेनें

उत्तर मध्य रेल के रूमा-चंदारी रेलखंड के बीच तीसरी लाइन को चालू करने के लिए एनआई किया जाना है। इस कारण तीन ट्रेनों को बदले रास्ते से चलाया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया की 12 अप्रैल को हावड़ा से खुलने वाली हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस बदले मार्ग प्रयागराज छिवकी-मनिकपुर जं.-वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) आगरा कैंट-अछनेरा के रास्ते जाएगी। इसी तरह 12 अप्रैल को सियालदह से खुलने वाली सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस और बीकानेर से खुलने वाली बीकानेर-हावड़ा एक्सप्रेस भी बदले मार्ग अछनेरा-आगरा कैंट-वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी)-मनिकपुर जं.-प्रयागराज छिवकी के रास्ते चलेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें