भारतीय दर्शन से वैश्विक संकटों को कम कर प्राकृतिक विकास को बेहतर करने को लेकर आईआईटी बीएचयू में संवाद होगा। आध्यात्मिकता, भारतीय ज्ञान प्रणाली, हिंदू विश्व दृष्टि और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के बीच के संबंधों को पता लगाया जाएगा। नीदरलैंड के व्रीजे यूनिवर्सिटी एम्स्टर्डम और आईआईटी के मानवीय अध्ययन विभाग की ओर से 25 और 26 फरवरी को ये कार्यक्रम कराया जाएगा। इस संगोष्ठी में स्वदेशी दर्शन और वैश्विक अनिश्चितता के बीच स्थिरता और सामूहिक कल्याण को लेकर चर्चाएं होंगी। शून्य भुखमरी, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली, और लैंगिक समानता पर केंद्रित होकर विद्वानों के संवाद होंगे। इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में डॉक्टर, प्रोफेसर और छात्रों को एक साथ बातचीत का मौका दिया जा रहा है।