भारतीय रत्नाभूषण प्रशिक्षण संस्थान के शुरू हुए केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर कोर्स होंगे। रत्न व आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद के चेयरमैन प्रवीण शंकर पंड्या ने कहा कि वाराणसी केंद्र से प्रशिक्षण अभी आईआईजीजे, मुंबई के विस्तार केंद्र के तौर पर काम करेगा। अस्थाई तौर पर फरवरी, 2017 से यहां से कोर्स शुरू होगा। दो से तीन साल में स्थायी तौर पर पांच एकड़ क्षेत्र में आवासीय कैंपस बनेगा।
आईआईजीजे मुंबई के प्रधानाचार्य संजय घोष ने बताया कि सभी छात्रों को फाउंडेशन कोर्स फॉर ज्वैलरी करना अनिवार्य है। यह कोर्स 120 घंटे का होगा। छात्र विभिन्न कोर्स में दाखिले के लिए जनवरी के पहले सप्ताह से आवेदन कर सकेंगे। अन्य कोर्स की अवधि 210 से 390 घंटे की होगी। संस्थान के अधिकारियों के अनुसार छह माह व एक साल के दो पाठ्यक्रम होंगे। हर साल सौ छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
भारतीय रत्नाभूषण प्रशिक्षण संस्थान में फाउंडेशन कोर्स फॉर ज्वेलरी, रबर मोल्ड पैकिंग, मोल्ड कटिंग, वैक्स इंजेक्शन, एंड ट्री मेकिंग, कास्टिंग, बेसिक स्टोन सेटिंग, पावे स्टोन सेटिंग, इनामेलिंग/मीनाकारी, बेसिक मेटल मॉडल मेकिंग, एडवांस मेटल गोल्ड मेकिंग, एंबोसिंग, फिनिशिंग एंड पॉलिशिंग ऑफ ज्वेलरी, बेसिक मैन्युअल ज्वेलरी डिजाईन, ज्वेलरी सीएडी डिजाइनिंग, डायमंड ग्रेडिंग, डायमंड कट डिजाइनिंग आदि कोर्स शामिल हैं।