समझौते और सहयोग
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी : भारत और मॉरीशस के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए विशेष समझौते हुए हैं।
- समुद्र विज्ञान : सीएसआईआर-राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान और मॉरीशस ओशियनोग्राफी संस्थान के बीच सहयोग का करार।
- प्रशासनिक सुधार : भारत और मॉरीशस सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय और प्रशासनिक सुधार मंत्रालय के बीच समझौता हुआ।
- ऊर्जा क्षेत्र : दोनों देशों के बीच बिजली क्षेत्र में सहयोग को लेकर सहमति बनी है। इसमें सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- हाइड्रोग्राफी : समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में हाइड्रोग्राफी समझौते का नवीनीकरण किया गया है।
- अंतरिक्ष अनुसंधान : अंतरिक्ष अनुसंधान और उपग्रह प्रक्षेपण में सहयोग पर भी करार हुआ।
घोषणाएं और प्रस्ताव
- शैक्षिक सहयोग : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के बीच समझौता हुआ। इसके अलावा, भारतीय पादप प्रबंधन संस्थान, बंगलूरू और यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के बीच भी साझेदारी की घोषणा की गई। ये जैव सुरक्षा प्रबंधन, पौधरोपण, प्रबंधन शिक्षा, वन और प्रकृति पर काम करेंगे।
- फ्लोटिंग सोलर परियोजना : टैमरिंड फॉल्स में 17.5 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर पीवी प्रोजेक्ट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए एनटीपीसी की एक टीम मॉरीशस जाएगी।
17845 करोड़ रुपये का खास आर्थिक पैकेज
- नया सर शिवसागर रामगुलाम राष्ट्रीय अस्पताल।
- आयुष उत्कृष्टता केंद्र।
- पशु चिकित्सा विद्यालय और पशु अस्पताल।
- हेलीकॉप्टरों का प्रावधान।
36,520 करोड़ रुपये की सहायता
- एसएसआर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नए एटीसी टावर का निर्माण कार्य पूरा करना।
- मोटरवे एम4 का विकास।
- रिंग रोड के दूसरे चरण का विकास।
- सीएचसीएल द्वारा बंदरगाह संबंधी उपकरणों की खरीद।