वाराणसी के रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन करने के बाद अब इंडो-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट पर क्रूज संचालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कोलकाता-ढाका और गुवाहाटी-जोराहाट वाया बांग्लादेश के बीच क्रूज चलाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने 12 नवंबर को वाराणसी में जल परिवहन की शुरुआत करते हुआ कहा था कि जल्द ही क्रूज टूरिज्म रोजमर्रा की बात होने वाली है।
रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल शुरू होने के बाद वाराणसी पूर्वोत्तर राज्यों के साथ बांग्लादेश से भी जुड़ जाएगा। इंडो-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट के कारण वाराणसी से पूर्वोत्तर राज्यों तक की पहुंच 900 किलोमीटर तक कम हो गई है। पिछले साल बांग्लादेश से समझौते के बाद प्रोटोकॉल रूट विकसित करने पर सहमति बनी थी। इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) प्रोटोकॉल रूट को व्यवस्थित करने के साथ इसका प्रमोशन भी कर रहा है। हाल ही में कोलकाता से प्रोटोकॉल रूट से होते हुए एनडब्ल्यू-2 ब्रह्मपुत्र नदी तक फ्लाईऐश के दो जलपोत भेजे गए।
नेपाल-म्यांमार तक पहुंच होगी आसान
आईडब्ल्यूएआई के डिप्टी डायरेक्टर मयंक कुमार का कहना है कि टर्मिनल शुरू होने के बाद उत्तरप्रदेश के साथ बिहार, झारखंड़, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के उत्पाद भी बांग्लादेश और प्रोटोकॉल रूट से पूर्वोत्तर तक कम किराये में पहुंच सकेंगे। ब्रह्मपुत्र के रास्ते पूर्वोत्तर के राज्यों को भी कम समय में माल पहुंचाया जा सकेगा। प्रोटोकॉल रूट से एनडब्ल्यू-1, एनडब्ल्यू-2 और एनडब्ल्यू-16 बराक एक-दूसरे से जुड़ गई हैं। इससे नेपाल और म्यांमार तक पहुंच आसान हो गई है। इस मार्ग पर 300-500 टन तक के जलपोतों का आवागमन हो सकेगा।