स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों में झंडारोहण, राष्ट्रगान और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने के प्रदेश सरकार के आदेश के बाद जहां इस पर्व को मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं, वहीं इसके विरोध में आवाज भी उठने लगी है।
कहा जा रहा है कि मदरसों में हर साल आजादी का जश्न मनाया जाता रहा है लेकिन इस बार सरकार की ओर से विशेषकर मदरसों के लिए आदेश जारी किया जाना समझ से परे है। मदरसा संचालकों का कहना है कि इस तरह का आदेश केवल मदरसों के लिए ही क्यों जारी हो रहा है।
आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के जनरल सेकेट्री वहीदुल्लाह खां सईदी का कहना है कि मदरसों में न तिरंगा फहराने में कभी परहेज है और न ही राष्ट्रगान गाने से। विरोध तो इस बात का हो रहा है कि ये शासनादेश सरकार ने केवल मदरसों के लिए ही क्यों जारी किया।
ऐसा करके मदरसों को संदेह के घेरे में लाया जा रहा है। जिले में 30 से अधिक वित्तपोषित/वित्तविहीन मदरसे हैं। शासन ने मदरसों में इस बार स्वतंत्रता दिवस के आयोजन करने के साथ ही उसकी वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी कराने का आदेश जारी किया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने शासन के आदेश की प्रति भेजकर सभी मदरसा संचालकों को इसका पालन कराने को कहा है।
आदेश में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमि, सेनानियों, शहीदों की शहादत के बारे में जानकारी दी जाए। इसके मद्देनजर अब मदरसा संचालक इसे शानदार ढंग से मनाने की तैयारी में जुट गए हैं।