बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के तहत संचालित सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) की वर्ष 2026 की प्रवेश प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। हालांकि, इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बार कक्षा 9 में छात्राओं के लिए एक भी सीट आवंटित नहीं की गई हैं। इसे लेकर कुछ छात्रों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है।
लॉटरी प्रणाली तथा कुछ कक्षाओं में सीटों को शून्य दर्शाए जाने जैसी विसंगतियों ने योग्य छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। छात्रों ने बताया कि वे चार प्रमुख मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसके लिए वे बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय भी पहुंचे।
छात्रों ने कहा कि सीएचएस गर्ल्स में कक्षा 9 में प्रवेश के लिए लड़कियों की सीटों की संख्या शून्य करना विवि की गरिमा के विरुद्ध है। उनकी मांग है कि कक्षा 9 में छात्राओं की सीटें बहाल की जाएं और प्रवेश परीक्षा के आधार पर पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई जाए।
कक्षा 6 में प्रवेश के लिए परीक्षा लंबे समय से स्थगित कर लॉटरी प्रणाली लागू की गई है जो मेधावी छात्रों के साथ अन्याय है। मांग है कि प्रवेश परीक्षा पुनः बहाल कर योग्यता-आधारित चयन हो। साथ ही सूचना बुलेटिन में सीएचएस के हॉस्टल सीटों की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
इसके अलावा सूचना बुलेटिन जारी करने में देरी से विद्यार्थियों को फॉर्म भरने और तैयारी में कठिनाई होती है। बुलेटिन व अन्य सूचनाएं आवेदन शुरू होने के कम से कम एक-दो महीने पूर्व जारी की जाएं। धरने का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता विपुल सिंह और विवेक सिंह ने कहा कि वर्तमान में सीएचएस में जिस प्रकार लॉटरी व्यवस्था लागू है और कुछ कक्षाओं व श्रेणियों में सीटों को शून्य दर्शाया गया है। इससे छात्रों और अभिभावकों में गहरा असंतोष है।